ग्रामीणों की सड़क की मांग पर कलेक्टर का अनोखा अंदाज, खुद बाइक चलाकर किया दो किलोमीटर सड़क का निरीक्षण,

पहले एक किलोमीटर पैदल चले कलेक्टर, फिर मोटरसाइकिल पर एसपी को बैठाकर देखी सड़क की बदहाल स्थिति — पक्की सड़क के लिए स्टीमेट तैयार करने के निर्देश,
✍️राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर जाकर समझने की कलेक्टर आशीष तिवारी की कार्यशैली का एक अलग अंदाज शनिवार को देखने को मिला। ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम पंचायत अतरसूमा के ग्राम हल्का में ग्रामीणों ने बोंदा तिराहा से बसहरा मार्ग की बदहाल स्थिति की समस्या कलेक्टर के सामने रखी। ग्रामीणों की बात सुनने के बाद कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश देने के बजाय खुद मौके पर जाकर सड़क की स्थिति देखने का निर्णय लिया।
कलेक्टर ने ग्रामीणों से सहजता से कहा—“चलिए, चलकर देखते हैं।” इसके बाद वे ग्रामीणों के साथ करीब एक किलोमीटर तक पैदल चले और सड़क की स्थिति का जायजा लिया। आगे का रास्ता खराब होने पर कलेक्टर ने गांव के एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल स्वयं चलाने का निर्णय लिया। उन्होंने मोटरसाइकिल पर पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को पीछे बैठाया और करीब दो किलोमीटर तक बोंदा तिराहा से बसहरा मार्ग का निरीक्षण किया।
बारिश में कीचड़ में तब्दील हो जाता है मार्ग
ग्रामीणों ने बताया कि बोंदा तिराहा से बसहरा तक का मार्ग फिलहाल मिट्टी और मुरूम का है। बारिश के दौरान मुरूम बह जाने से सड़क कई स्थानों पर कीचड़ में तब्दील हो जाती है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर बारिश के दिनों में इस मार्ग से आवाजाही करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्या को मौके पर ही गंभीरता से लेते हुए सड़क की वास्तविक स्थिति देखी। उन्होंने करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर और इसके बाद मोटरसाइकिल से लगभग दो किलोमीटर का सफर तय कर सड़क की स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लिया।
पक्की सड़क के लिए स्टीमेट तैयार करने के निर्देश
निरीक्षण के बाद कलेक्टर आशीष तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को बोंदा तिराहा से बसहरा मार्ग को पक्की सड़क के रूप में विकसित करने के लिए स्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना कलेक्टर का अंदाज
कलेक्टर और एसपी के मोटरसाइकिल से सड़क निरीक्षण की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुटने लगी। जिस सड़क पर ग्रामीण रोजाना परेशानियों के बीच आवागमन करते हैं, उसी सड़क पर कलेक्टर का स्वयं मोटरसाइकिल चलाकर स्थिति का जायजा लेना ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
दरअसल, ग्राम पंचायत सिलौंडी में आयोजित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के शिविर में पहुंचने से पहले संभागायुक्त, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ और जिला पंचायत सीईओ आसपास के गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान ग्राम हल्का में ग्रामीणों ने बोंदा तिराहा से बसहरा मार्ग की समस्या बताई।
कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायत को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि मौके पर पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति को देखा और समस्या के समाधान की दिशा में अधिकारियों को तत्काल स्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए।




