35 साल की सेवा के बाद भी शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नति का इंतजार
शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, ज्ञापन सौंपकर एक सप्ताह में सूची जारी करने की मांग

शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, ज्ञापन सौंपकर एक सप्ताह में सूची जारी करने की मांग,
कटनी। जिले में 35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों को मिलने वाली चतुर्थ क्रमोन्नति का लाभ अब तक नहीं मिल पाने से शिक्षक संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शासन के आदेश जारी हुए करीब छह माह बीत जाने के बावजूद प्रक्रिया लंबित रहने को लेकर शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि क्रमोन्नति की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक पात्र शिक्षकों की सूची जारी नहीं हो सकी है।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा दस्तावेजों में कमियां बताए जाने को लेकर भी शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई है। संगठनों का दावा है कि संकुल केंद्रों के माध्यम से शिक्षकों के सभी आवश्यक अभिलेख कार्यालय में जमा कराए गए थे और इसकी पावती भी संबंधित संकुल प्राचार्यों के पास मौजूद है।
शिक्षक संगठनों के मुताबिक, कार्यालय द्वारा जारी कमी पत्र में करीब 140 शिक्षकों की पांच वर्ष की गोपनीय चरित्रावली संलग्न नहीं होने का उल्लेख किया गया है। इसे लेकर शिक्षकों ने सवाल उठाया कि यदि दस्तावेज अधूरे थे तो उन्हें जमा करते समय इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।
इसी मुद्दे को लेकर शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अधिकारी की अनुपस्थिति में सहायक प्रोग्रामर अकादमी राकेश बारी को ज्ञापन सौंपा। संघ ने संबंधित शाखा प्रभारी की जिम्मेदारी तय करने और लंबित प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
शिक्षक नेताओं गणेश शंकर गर्ग, शिवकुमार सोलंकी, प्रमोद मिश्रा, अनिल प्यासी, अजय मिश्रा और कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत ने मांग की है कि 35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सभी पात्र शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ दिया जाए और किसी भी पात्र शिक्षक का नाम सूची से न छूटे।




