कटनी में विकास की सड़कों पर सवाल: जगह-जगह गड्ढे, बारिश में जलभराव से बढ़ा हादसों का खतरा
बरगवां क्षेत्र की सड़कों की हालत खराब, मशीन चौक, माधवनगर, बस स्टैंड और आजाद चौक, सहित कई इलाकों में सड़कें बदहाल

बरगवां क्षेत्र की सड़कों की हालत खराब, मशीन चौक, माधवनगर, बस स्टैंड और आजाद चौक, सहित कई इलाकों में सड़कें बदहाल,
✍️राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। शहर में विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। शहर की सड़कों पर नजर दौड़ाएं तो कई प्रमुख मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक जगह-जगह गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। हालात यह हैं कि हल्की बारिश होते ही इन गड्ढों में पानी भर जाता है और सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों तथा पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
सबसे ज्यादा सवाल उन सड़कों की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे हैं, जहां सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य कराया गया। बरगवां क्षेत्र में सीवर लाइन का काम होने के बाद बनाई गई सड़कों की स्थिति कुछ ही समय में खराब होने लगी है। कई स्थानों पर सड़क की सतह उखड़ने लगी है और छोटे-बड़े गड्ढे नजर आने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान दिया जाता तो इतनी जल्दी सड़कें खराब नहीं होतीं। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
मामला केवल बरगवां क्षेत्र तक सीमित नहीं है। शहर के कई प्रमुख हिस्सों में सड़कों की हालत नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मशीन चौक, माधवनगर बस स्टैंड, आजाद चौक सहित कई इलाकों में सड़क पर गड्ढे और खराब सतह दिखाई दे रही है। व्यस्त मार्ग होने के कारण इन स्थानों पर दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है, ऐसे में सड़क की खराब स्थिति यातायात व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन रही है।
बारिश के मौसम में सड़क के गड्ढों में पानी जमा होने से स्थिति और चिंताजनक हो जाती है। पानी के नीचे छिपे गड्ढे वाहन चालकों के लिए अचानक खतरा पैदा कर सकते हैं। खासकर रात के समय जब सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होती, तब दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
शहरवासियों का सवाल है कि आखिर सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद यदि सड़कें टूटने लगें तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी? क्या निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच की गई? क्या संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय की जा रही है? और यदि किसी सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हुआ है तो क्या उस पर कार्रवाई होगी?
नगर निगम द्वारा शहर में विकास और सड़क निर्माण को लेकर लगातार कार्य किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन दूसरी ओर जमीनी तस्वीर कई जगह अलग नजर आती है। नागरिकों का आरोप है कि विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता जांच पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा, जितना दिया जाना चाहिए।
शहरवासियों का कहना है कि सिर्फ कागजों में विकास कार्य पूरे होना पर्याप्त नहीं है। विकास की असली तस्वीर सड़क पर दिखाई देनी चाहिए और उसकी गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए कि लंबे समय तक नागरिकों को परेशानी न हो।
अब जरूरत इस बात की है कि नगर निगम प्रशासन खराब सड़कों और गड्ढों को लेकर गंभीरता से सर्वे कराए। जिन स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए और जिन सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आती हैं, वहां संबंधित एजेंसी अथवा ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की जाए।
कटनी के नागरिकों को गड्ढों वाली सड़कें नहीं, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सड़कें चाहिए। सवाल अब यही है कि जिम्मेदार अधिकारी कब इन सड़कों की जमीनी हकीकत देखने निकलेंगे और कब शहरवासियों को इन समस्याओं से राहत मिलेगी?




