गणेश उत्सव को लेकर प्रशासन अलर्ट, विसर्जन और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
25 सितंबर को गणेश चौक से निकलेगा विसर्जन चल समारोह, मोहन घाट और गाटर घाट में बनाए जाएंगे बड़े विसर्जन कुंड

✍️राजेश कुमार तिवारी
कटनी। आगामी गणेश उत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आशीष तिवारी ने गणेश प्रतिमा स्थापना से लेकर विसर्जन तक शांति व्यवस्था, यातायात, विद्युत, स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
14 सितंबर को गणेश प्रतिमाओं की स्थापना होगी, जबकि 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शाम 7 बजे से महाआरती के बाद प्रतिमा विसर्जन और चल समारोह शुरू होगा। जिला मुख्यालय पर चल समारोह गणेश चौक, मधई मंदिर, हनुमान मंदिर, सुभाष चौक, झंडा बाजार, शेर चौक और आजाद चौक होते हुए निर्धारित विसर्जन स्थल तक पहुंचेगा।
नदी और तालाब में विसर्जन पर रोक
प्रशासन ने प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए मोहन घाट और गाटर घाट में बड़े विसर्जन कुंड तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा अन्य चिन्हित स्थानों पर भी आवश्यक व्यवस्था की जाएगी। नदी, नाले और तालाब में प्रतिमा विसर्जन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। कटाएघाट, अमीरगंज सहित प्रतिबंधित स्थानों पर भी विसर्जन की अनुमति नहीं होगी।
घरों में स्थापित छोटी प्रतिमाओं के लिए नगर निगम द्वारा वार्ड स्तर पर चलित विसर्जन वाहन और चलित कुंड की व्यवस्था की जाएगी।
23 से 25 सितंबर तक विशेष सुरक्षा व्यवस्था
गणेश प्रतिमाओं के दर्शन और विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए 23 से 25 सितंबर तक पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। गणेश चौक, सुभाष चौक और विश्वकर्मा पार्क सहित प्रमुख स्थानों पर यातायात और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विसर्जन मार्ग की सड़क, गड्ढों की मरम्मत, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रमुख पंडालों पर महिला पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
डीजे पर प्रतिबंध, ध्वनि पर रहेगी पाबंदी
गणेश उत्सव समितियों को जुलूस के दौरान अधिकतम दो साउंड बॉक्स का उपयोग निर्धारित न्यूनतम आवाज में करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजे और फिल्मी गानों पर प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित समिति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विसर्जन स्थलों पर गोताखोर और मोटर बोट तैनात
विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई के साथ होमगार्ड जवान, तैराक और गोताखोर तैनात रहेंगे। लाइफ जैकेट और मोटर बोट भी उपलब्ध रहेंगी। समितियों को विसर्जन कार्य में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शामिल नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंडालों में सीसीटीवी और वालेंटियर की रहेगी निगरानी
आयोजक समितियों को पंडाल और प्रतिमा स्थल की सुरक्षा के लिए वालेंटियर की सूची प्रशासन और थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। रात में निगरानी के साथ प्रमुख पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य और विद्युत व्यवस्था रहेगी अलर्ट
14 से 25 सितंबर तक विसर्जन मार्ग पर विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे। पंडालों के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेना अनिवार्य किया गया है। वहीं 23 से 25 सितंबर तक डॉक्टर, चिकित्सा स्टाफ और एंबुलेंस को भी पुलिस कंट्रोल रूम से समन्वय के लिए उपलब्ध रखा जाएगा।
मांस-मछली की दुकानें रहेंगी बंद
23 से 25 सितंबर तक जिले में मांस और मछली की दुकानों को बंद रखने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं 25 सितंबर को मुख्य विसर्जन चल समारोह के दौरान जुलूस मार्ग पर स्थित शराब दुकानों को भी बंद रखा जाएगा।
प्रशासन ने गणेश उत्सव समितियों और नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए उत्सव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से मनाएं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।




