छात्र अधिकारों को लेकर एनएसयूआई का पैदल मार्च, बारिश के बीच प्रदर्शन; वाटर कैनन और गिरफ्तारियों से गरमाया माहौल

छात्र अधिकारों को लेकर एनएसयूआई का पैदल मार्च, बारिश के बीच प्रदर्शन; वाटर कैनन और गिरफ्तारियों से गरमाया माहौल,
✍️राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। प्रदेश में करीब नौ साल से बंद छात्रसंघ चुनावों को लेकर हाईकोर्ट की हरी झंडी के बाद अब छात्र संगठनों ने प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग तेज कर दी है। इसी क्रम में एनएसयूआई ने कटनी में छात्र अधिकारों और शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर विशाल पैदल मार्च निकाला। गणेश चौक से कचहरी चौक तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ कांग्रेस एवं युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हुए।
एनएसयूआई मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे एवं जिला अध्यक्ष अजय खटिक के नेतृत्व में निकाले गए मार्च के दौरान जमकर नारेबाजी की गई। तेज बारिश भी प्रदर्शनकारियों के कदम नहीं रोक सकी। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश में प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव कराने, कटनी में पीपीपी मॉडल के स्थान पर पूर्णतः शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज एवं लॉ कॉलेज खोलने तथा लीड तिलक कॉलेज को स्वायत्त महाविद्यालय का दर्जा देने की मांग उठाई।
बैरिकेडिंग के बाद बढ़ा विवाद
पैदल मार्च के कचहरी चौक की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़कर ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद कई प्रदर्शनकारियों और नेताओं को हिरासत में लिया गया।
कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। बाद में एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे सहित कई नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिन्हें बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
‘छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती’
एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार एवं प्रशासन के सामने रख रहा था, लेकिन प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल और गिरफ्तारियां करना छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने प्रदेश में प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग दोहराई।
मेडिकल कॉलेज को लेकर भी उठाई आवाज
युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने कहा कि कटनी के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कटनी में पीपीपी मॉडल के बजाय पूर्ण शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग उठाते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों के हितों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।
‘बैरिकेडिंग से छात्रों की आवाज नहीं रुकेगी’
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अजय खटिक ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया है कि वे अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहे जितनी बैरिकेडिंग कर ले, छात्रों की आवाज को कैद नहीं किया जा सकता। उन्होंने लीड तिलक कॉलेज को स्वायत्त दर्जा देने के साथ कटनी में शासकीय लॉ कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की मांग भी दोहराई।
युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि छात्रों की मांगें किसी राजनीतिक स्वार्थ की नहीं, बल्कि कटनी के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य से जुड़ी हैं।
ये प्रमुख मांगें रहीं
प्रदेश में प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं।
कटनी में पीपीपी मॉडल के बजाय शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाए।
कटनी में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज खोला जाए।
शासकीय लॉ कॉलेज की स्थापना की जाए।
लीड तिलक कॉलेज को स्वायत्त महाविद्यालय का दर्जा दिया जाए।
छात्र हितों और उच्च शिक्षा से जुड़ी लंबित मांगों का निराकरण किया जाए।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष सौरभ सिंह, पूर्व विधायक बसंत सिंह, विधानसभा प्रभारी मुड़वारा राजेश चौबे, मौसुफ अहमद बिट्टू, मुकेश यादव, कमल पांडेय, अभिषेक प्यासी ‘नानु’, शशांक गुप्ता ‘गोलू’, मनोज गुप्ता, सचिन गर्ग, शुभम मिश्रा, सूर्यकांत कुशवाहा, सुरेंद्र राणा, चोखे भाईजान, अजय जैसवानी, हाजी मुन्ना कादिर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस, युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई पदाधिकारी-कार्यकर्ता तथा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्र अधिकारों, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और कटनी के शैक्षणिक विकास से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।




