जनसुनवाई में 172 आवेदकों की फरियाद, अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश

राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 172 आवेदकों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर आयोजित जनसुनवाई में अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित विभागों को प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, एसडीएम कटनी जितेन्द्र पटेल, सहायक कलेक्टर श्लोक वायकर, डिप्टी कलेक्टर प्रमोद चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
आवास, बिजली, सड़क और आर्थिक सहायता से जुड़े आवेदन
जनसुनवाई के दौरान ग्राम चनेहटा निवासी श्यामलाल यादव ने आयुष्मान कार्ड में नाम जोड़ने, ग्राम केलवारा निवासी उर्मिला दाहिया ने ट्रांसफार्मर बदलवाने तथा ग्राम धूरी निवासी राजेन्द्र चौधरी ने अतिथि शिक्षक की नियुक्ति दिलाने संबंधी आवेदन दिया।
इसी तरह ग्राम लखनपुरा निवासी राजेश सिंह ने गेहूं विक्रय की राशि का भुगतान कराने, ग्राम बिचुआ निवासी हरीशंकर दुबे ने भू-नक्शा सुधार संबंधी लंबित आवेदन पर कार्रवाई कराने की मांग रखी। ग्राम हीरापुर कौडिया के ग्रामीणों ने कीचड़युक्त रास्ते पर मुरम डलवाने की मांग की।
वहीं ग्राम बड़ागांव निवासी सनी सोनी ने पिता पूरन लाल सोनी की मृत्यु के बाद संबल योजना के तहत अनुग्रह सहायता राशि दिलाने, ग्राम बनगवां निवासी रमेश चौधरी ने बिजली बिल में राहत तथा ग्राम अमीरगंज निवासी जावेद मंसूरी ने आवास योजना का लाभ दिलाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया।
इसके अलावा बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से संबंधित आवेदन अधिकारियों को सौंपे।
आवेदनों की सिर्फ खानापूर्ति नहीं, स्थायी समाधान हो
कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का न्यायसंगत और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्हें समय पर राहत उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्टर ने विभागवार लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने और जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि शासन की योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से अनावश्यक परेशानी न हो और उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर मिले।




