शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, निपुण शालाओं का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करें: कलेक्टर
सांदीपनि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति पर सख्ती, लंबित पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश

सांदीपनि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति पर सख्ती, लंबित पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने निपुण शालाओं, शिक्षकों की उपस्थिति, ड्रॉप आउट बच्चों, आधार कैंप, स्मार्ट क्लास, स्कूल बसों और लंबित पेंशन प्रकरणों सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों को पूरा किया जाए।
125 शालाओं को निपुण बनाने का लक्ष्य
समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले शैक्षणिक सत्र में जिले की 68 शालाओं को निपुण बनाया गया है। इस सत्र में 125 शालाओं को निपुण बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने डाइट और डीपीसी को लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सांदीपनि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति पर सख्ती
कलेक्टर ने सांदीपनि विद्यालयों में मर्ज की गई शालाओं के शिक्षकों से नियमित रूप से अध्यापन कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को शिक्षकों की उपस्थिति की लगातार निगरानी करने को कहा। अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने संकुल प्राचार्यों द्वारा उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान की प्रक्रिया की समीक्षा करने को कहा। बिना उपस्थिति के वेतन भुगतान का मामला सामने आने पर संबंधित प्राचार्य का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
कम छात्र संख्या और ड्रॉप आउट बच्चों की मांगी जानकारी
बैठक में 10 से कम छात्र संख्या वाली शालाओं की शालावार और विकासखंडवार जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत ड्रॉप आउट और टॉप आउट बच्चों की संख्या की भी विकासखंडवार जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया।
स्कूल बसों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा
कलेक्टर ने जिले में संचालित स्कूल बसों की वर्तमान स्थिति से संबंधित नस्ती प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निलंबित कर्मचारियों के विभागीय जांच प्रकरणों को शीघ्र पूरा कर नियमानुसार कार्रवाई अथवा बहाली की प्रक्रिया करने को कहा।
पेंशन प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में कोई भी पेंशन प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
आधार कैंप की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
बैठक में आधार कैंपों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कटनी, बड़वारा और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और मैदानी स्तर पर कार्यों की समीक्षा करने पर भी जोर दिया।
कलेक्टर ने ड्रॉप आउट बच्चों की जानकारी उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े प्रत्येक कार्य को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सच्चिदानंद पाण्डेय, जिला परियोजना समन्वयक प्रेमनारायण तिवारी, सहायक संचालक राजेश अग्रहरि, प्राचार्य डाइट कटनी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




