ढीमरखेड़ा में अवैध शराब पर कार्रवाई के बीच पैकारियों को लेकर उठे सवाल

ढीमरखेड़ा में अवैध शराब पर कार्रवाई के बीच पैकारियों को लेकर उठे सवाल,
ढीमरखेड़ा। क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई के बीच अब कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई जरूरी है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि छोटे स्तर पर शराब बनाने और बेचने वालों पर तो पुलिस कार्रवाई कर रही है, जबकि कथित तौर पर संचालित अवैध पैकारियों पर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
हाल ही में पुलिस ने ग्राम गूंड़ा, दसरमन, गोपालपुर, डुडहा और खंदवारा में दबिश देकर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, गूंड़ा से रानी बाई के कब्जे से 4 लीटर, दसरमन से नरेश गोटिया के पास से 5 लीटर कच्ची शराब, गोपालपुर से गोविंद पटेल के कब्जे से 16 पाव देशी शराब और डुडहा से शरद सिंह के पास से 5 लीटर शराब व 50 किलो महुआ बरामद किया गया। वहीं खंदवारा में शिव प्रसाद के पास से 5 लीटर शराब बरामद कर 50 किलो महुआ नष्ट किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि यदि अवैध शराब के खिलाफ अभियान चल रहा है, तो कथित रूप से संचालित बड़े पैमाने की पैकारियों पर भी कार्रवाई कब होगी?
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ गांवों में शराब की अवैध बिक्री का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है। ऐसे में आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की जा रही है कि पूरे क्षेत्र में निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध शराब के कारोबार में जो भी लोग संलिप्त पाए जाएं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान तभी प्रभावी माना जाएगा, जब कार्रवाई छोटे कारोबारियों तक सीमित न रहकर अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क तक पहुंचे। अब देखना यह है कि पुलिस और आबकारी विभाग इन शिकायतों और आरोपों की जांच कर आगे क्या कार्रवाई करता है।




