स्कूलों में लगी स्वच्छता की पाठशाला, बच्चों ने सीखा 4-बिन कचरा प्रबंधन
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर निगम का जागरूकता अभियान तेज, विद्यार्थियों ने लिया स्वच्छता अपनाने का संकल्प

कटनी, 9 अगस्त। स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर के निर्माण के लिए नगर पालिक निगम कटनी द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों के तहत जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में निगम ने अब स्कूलों में स्वच्छता की पाठशाला शुरू कर विद्यार्थियों को कचरा पृथक्करण और उसके उचित निपटान की जानकारी देना शुरू किया है।
निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर आशुतोष मानके ने जैन नर्सरी इंग्लिश मीडियम स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय और साईं विद्या मंदिर विद्यालय में स्वच्छता जागरूकता गतिविधियां आयोजित कीं। इस दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को 4-बिन व्यवस्था के बारे में जानकारी देते हुए गीले, सूखे, घरेलू हानिकारक और सैनिटरी कचरे को अलग-अलग रखने के महत्व को समझाया गया।
घर से ही शुरू हो कचरे का पृथक्करण
जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि कचरे का स्रोत पर पृथक्करण स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। घर, स्कूल और अन्य संस्थानों में कचरे को शुरुआत में ही अलग-अलग करने से उसके संग्रहण, प्रसंस्करण और निपटान की प्रक्रिया बेहतर तरीके से संचालित की जा सकती है।
विद्यार्थियों को बताया गया कि गीले कचरे से कंपोस्ट तैयार किया जा सकता है, जबकि सूखे कचरे का पुनर्चक्रण किया जा सकता है। वहीं घरेलू हानिकारक और सैनिटरी कचरे का सुरक्षित तरीके से निपटान किया जाना आवश्यक है।
बच्चों को बनाया जा रहा स्वच्छता का संदेशवाहक
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से अपने घर और आसपास के लोगों को भी कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित करने की अपील की गई। बच्चों ने स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, कचरा निर्धारित डिब्बे में डालने तथा घर और विद्यालय में कचरे का स्रोत पर पृथक्करण करने का संकल्प लिया।
नगर निगम का उद्देश्य स्कूलों के माध्यम से बच्चों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और व्यवहार परिवर्तन की भावना विकसित करना है, ताकि विद्यार्थी अपने परिवार और समाज में स्वच्छता का संदेश पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।




