डिजिटल टैक्सेशन में जनपद पंचायत कटनी ने हासिल की प्रदेश में बढ़त
7.55 लाख रुपये की कर वसूली के साथ जिले की जनपद पंचायतों में अव्वल, जिला पंचायत कटनी भी कर एवं फीस भुगतान में अग्रणी

✍️राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी, 9 अगस्त। ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्वयं के आय स्रोत बढ़ाने की दिशा में कटनी जिले में डिजिटल टैक्सेशन एवं ओएसआर (ऑन सोर्स रेवेन्यू) प्रबंधन को लेकर किए जा रहे प्रयास अब सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से कर एवं फीस भुगतान प्राप्त करने के मामले में जनपद पंचायत कटनी जिले की सभी जनपद पंचायतों में प्रथम स्थान पर है। वहीं जिला पंचायत कटनी कर एवं फीस भुगतान प्राप्त करने के मामले में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हुई है।
इस उपलब्धि के पीछे जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर की नियमित निगरानी, प्रभावी निर्देश और लगातार किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जनपद पंचायत कटनी द्वारा अब तक 7.55 लाख रुपये की कर वसूली की गई है, जो जिले की जनपद पंचायतों में सर्वाधिक है।
ग्राम पंचायतों में डिजिटल टैक्सेशन को दिया जा रहा बढ़ावा
जनपद पंचायत कटनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप सिंह के अनुसार ग्राम पंचायतों में डिजिटल टैक्सेशन को बढ़ावा देने के लिए अनिवार्य एवं वैकल्पिक करों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है। इनमें जल कर, स्वच्छता कर, संपत्ति कर, प्रकाश कर सहित अन्य कर एवं फीस शामिल हैं।
मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम एवं शासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित करों की राशि की जानकारी फ्लेक्स, बैनर एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए ग्रामीणों को दी जा रही है। इसके साथ ही नागरिकों को ऑनलाइन माध्यम से कर एवं फीस जमा करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार डिजिटल भुगतान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ रही है और लोग ग्राम पंचायतों के विकास में अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए नियमित रूप से करों का भुगतान करने के लिए आगे आ रहे हैं।
सुश्री कौर ने ग्रामीणों से की नियमित ऑनलाइन भुगतान की अपील
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने कहा कि ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं के आय स्रोतों में वृद्धि आवश्यक है। कर एवं फीस की नियमित वसूली इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि ग्राम पंचायतों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं के उपयोग के एवज में निर्धारित कर एवं फीस का भुगतान नागरिक सेवा पोर्टल और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से नियमित रूप से करें।
उन्होंने कहा कि ओएसआर प्रबंधन को मजबूत करने में ग्रामीणों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। समय पर कर एवं फीस का भुगतान होने से ग्राम पंचायतों की आय बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर विकास एवं बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल भुगतान से नागरिकों को मिलेंगे कई फायदे
समय की बचत: ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से कुछ ही समय में कर एवं फीस जमा की जा सकती है। इससे कार्यालयों के चक्कर लगाने और कतार में खड़े होने की आवश्यकता कम होती है।
पारदर्शिता: डिजिटल लेनदेन से भुगतान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी रहती है और प्रत्येक लेनदेन का रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है।
सुविधाजनक प्रक्रिया: नागरिक घर बैठे मोबाइल या अन्य डिजिटल माध्यम से कर एवं फीस का भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए नकद राशि लेकर कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होती।
सुरक्षित लेनदेन: डिजिटल भुगतान में लेनदेन का विवरण ऑनलाइन दर्ज रहता है। निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया जैसे ओटीपी और पिन के माध्यम से भुगतान किया जाता है।
भुगतान का रिकॉर्ड उपलब्ध: ऑनलाइन भुगतान के बाद उसकी रसीद एवं लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर देखा जा सकता है।
ग्राम पंचायतों में डिजिटल टैक्सेशन और ओएसआर प्रबंधन को बढ़ावा देने की यह पहल स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शी एवं सुविधाजनक कर भुगतान व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




