रणभेरी’ ने फिर जगाई राष्ट्रभक्ति की अलख, कवियों की साहित्यिक विरासत को किया याद

‘रणभेरी’ ने फिर जगाई राष्ट्रभक्ति की अलख, कवियों की साहित्यिक विरासत को किया याद,
✍️राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शिकागो पब्लिक स्कूल स्थित अमर शहीद हेमू कालानी स्मृति वाचनालय में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत काव्य कृति ‘रणभेरी’ की समीक्षा एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि देश के कवियों और शिक्षकों ने हमेशा समाज में चेतना जगाने और उसे सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौर में कटनी के कवियों और शिक्षकों ने अपनी ओजस्वी एवं देशभक्ति से प्रेरित कविताओं के माध्यम से नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया था। इसी भावना से प्रेरित होकर आपसी आर्थिक सहयोग से वर्ष 1963 में 38 कवियों की रचनाओं का काव्य संकलन ‘रणभेरी’ प्रकाशित कराया गया था। यह कृति कटनी की साहित्यिक और राष्ट्रभक्ति की परंपरा की महत्वपूर्ण विरासत रही है।
समय के साथ यह दुर्लभ काव्य कृति अनुपलब्ध हो गई थी। साहित्यिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से इंटैक (इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज) कटनी चैप्टर द्वारा गत वर्ष ‘रणभेरी’ का पुनर्प्रकाशन कराया गया। कार्यक्रम में इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे कटनी की साहित्यिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों एवं सेनानियों के साथ-साथ उन कवियों को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया, जिन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से राष्ट्रभक्ति और जनचेतना को मजबूत किया।
काव्य कृति ‘रणभेरी’ के पुनर्प्रकाशन में सहयोग देने वाले समाजसेवी एवं कटनी टेंट लाइट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सरावगी का सम्मान शाल एवं श्रीफल भेंट कर किया गया। उनका सम्मान ‘रणभेरी’ के कवि विभवराम त्रिपाठी तथा अन्य कवियों के परिजनों मनोज सोनी, पी.एस. बैरागी और रानी निगम द्वारा किया गया। अजय सरावगी की अनुपस्थिति में उनकी ओर से सुश्री भारती नागवानी एवं मुस्कान नागवानी ने सम्मान ग्रहण किया।
इस अवसर पर अमर शहीद हेमू कालानी स्मृति वाचनालय की ओर से कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं अतिथियों का भी शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार राधेश्याम ब्रजपुरिया ने की। विभवराम त्रिपाठी मुख्य अतिथि एवं रामाधार गौतम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र सिंह ठाकुर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन विद्यालय के प्राचार्य आर.एल. निगम ने किया।
काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने राष्ट्रभक्ति एवं सामाजिक चेतना से जुड़ी कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम में विद्यालय के स्टाफ के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।




