सीपीसीटी और ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता के खिलाफ लघु वेतन कर्मचारी संघ का प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम सौंपा छह सूत्रीय ज्ञापन, आदेशों की प्रतियां जलाकर जताया विरोध

✍️राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी, 11 अगस्त। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ शाखा जिला कटनी ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। संघ के जिलाध्यक्ष पूर्णेश उइके एवं मीडिया प्रभारी अनिल पांडेय ने बताया कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए सीपीसीटी की अनिवार्यता तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था का विरोध किया। कर्मचारियों ने संबंधित आदेशों एवं दस्तावेजों की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जताया।
पदोन्नति में सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग
संघ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए सीपीसीटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से छूट देने की मांग की है। संघ का कहना है कि भृत्य, चौकीदार एवं कार्यालय परिचालक सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लंबे समय से शासकीय सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन पदोन्नति के अवसर नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने अधिकार से वंचित हैं।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित कोटा पहले से मौजूद है। ऐसे में सीपीसीटी परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संघ का कहना है कि बड़ी संख्या में कर्मचारी 40 वर्ष से अधिक आयु के हैं और उन्हें कंप्यूटर प्रशिक्षण का पर्याप्त अवसर नहीं मिला है। ऐसे में सीपीसीटी की अनिवार्यता पदोन्नति में बाधा बन रही है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ई-अटेंडेंस से छूट की मांग
संघ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ई-अटेंडेंस व्यवस्था से छूट देने की भी मांग की है। संघ का तर्क है कि कई कर्मचारी की-पैड मोबाइल का उपयोग करते हैं, जबकि कुछ कर्मचारियों के पास स्मार्टफोन तक उपलब्ध नहीं हैं।
संघ के अनुसार भृत्य एवं अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अक्सर डाक, फाइल एवं अन्य शासकीय कार्यों के लिए कार्यालय से बाहर रहते हैं। ऐसी स्थिति में उनके लिए ई-अटेंडेंस दर्ज करना व्यवहारिक रूप से कठिन है।
शिक्षा विभाग में लागू ‘हमारे शिक्षक एप’ के माध्यम से ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर भी संघ ने आपत्ति जताई। संघ का कहना है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कार्य एवं दायित्व शिक्षकों से अलग हैं। विद्यालय अथवा कार्यालय खोलने-बंद करने, डाक पहुंचाने और अधिकारियों के निर्देश पर विभिन्न कार्यों के लिए बाहर जाने वाले कर्मचारियों के लिए मौजूदा ई-अटेंडेंस व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है।
संघ ने मांग की कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए उपस्थिति पंजी एवं कार्यालय प्रमुख के प्रमाणीकरण को मान्य किया जाए। यदि ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू रखना आवश्यक हो तो कर्मचारियों को मोबाइल, डाटा सुविधा और आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
छह सूत्रीय मांगों में विभिन्न कर्मचारी वर्गों के मुद्दे शामिल
ज्ञापन में आकस्मिक कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, स्थायी कर्मी एवं अंशकालीन कर्मचारियों से संबंधित मांगें भी शामिल की गईं। संघ ने आकस्मिक कार्यभारित कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारियों की तरह अर्जित अवकाश की पात्रता देने तथा भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में प्रावधान कर सहायक ग्रेड-3 पद पर पदोन्नति का अवसर देने की मांग की।
इसके अलावा स्थायी कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने, सेवाओं का वर्गीकरण करने तथा कर्मचारी की मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने की मांग रखी गई। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने और अंशकालीन कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का दर्जा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
संघ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका, कोटवार, आशा-उषा सहयोगिनी, मध्यान्ह भोजन एवं सांझा चूल्हा रसोइया सहित विभिन्न संवर्गों के मानदेय में वृद्धि कर न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग भी की।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान कर्मचारियों ने सीपीसीटी एवं ई-अटेंडेंस से संबंधित आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया। संघ पदाधिकारियों ने सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारियों द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष पूर्णेश उइके, उप प्रान्ताध्यक्ष अजय गौतम, जिला सचिव सौरभ सिंह, जिला महामंत्री मनोज श्रीवास सहित संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।




