शुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर निगम अलर्ट, 12 लीकेज और फॉल्ट की तत्काल मरम्मत
जल गुणवत्ता की लगातार जांच, पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए मैदानी अमला सक्रिय

✍️राजेश कुमार तिवारी
कटनी। शहरवासियों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम कटनी द्वारा जलप्रदाय व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। निगम प्रशासन द्वारा विभिन्न वार्डों में पाइप लाइनों, जल स्त्रोतों और पानी की टंकियों की जांच के साथ जल गुणवत्ता परीक्षण भी कराया जा रहा है। वहीं पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के निराकरण के लिए मैदानी अमले को सक्रिय रखा गया है।
12 लीकेज और फॉल्ट की कराई गई मरम्मत
जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और पानी के अपव्यय को रोकने के लिए निगम के जलप्रदाय अमले द्वारा शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पाइप लाइनों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को 12 स्थानों पर सामने आए लीकेज, फॉल्ट एवं क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की तत्काल मरम्मत कराई गई। निगम का कहना है कि इससे जल अपव्यय रोकने के साथ संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए पानी के नमूने
नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए निगम की टीम द्वारा विभिन्न जल स्त्रोतों, पानी की टंकियों एवं नलों से जल के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। बुधवार को महात्मा गांधी वार्ड की दाल मिल गली, मोहन टॉकीज रोड, बाबू जगजीवन राम वार्ड के उड़िया मोहल्ला, निषाद स्कूल पानी की टंकी, जयप्रकाश वार्ड स्थित जंगल दफ्तर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड, तिलक कॉलेज पानी की टंकी और संत कंवरराम वार्ड की रॉबर्ट लाइन सहित अन्य स्थानों से पानी के नमूने लिए गए। इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया की गई।
शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंच रही टीम
निगम के नियंत्रण कक्ष में प्राप्त होने वाली पेयजल संबंधी शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई की जा रही है। गंदे पानी की आपूर्ति, कम दबाव अथवा पानी नहीं आने जैसी शिकायतें मिलने पर संबंधित क्षेत्र में निगम की टीम भेजकर समस्या का निराकरण कराया जा रहा है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
नगर निगम ने नागरिकों से पेयजल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। निगम ने कहा है कि कहीं भी पाइप लाइन में लीकेज, गंदे पानी की आपूर्ति या अन्य पेयजल संबंधी समस्या दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल निगम को दी जाए, ताकि समय पर कार्रवाई कर जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके।




