कन्हवारा गौशाला में व्यवस्थाओं का कलेक्टर ने लिया जायजा, 130 गोवंश के लिए सुविधाओं की समीक्षा
गायों को खिलाया गुड़, केला और गो-ग्रास, दूध उत्पादन बढ़ाने और उन्नत नस्ल की बछिया बढ़ाने पर दिया जोर

गायों को खिलाया गुड़, केला और गो-ग्रास, दूध उत्पादन बढ़ाने और उन्नत नस्ल की बछिया बढ़ाने पर दिया जोर,
राजेश साधेलिया कटनी न्यूज 24
कटनी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत कलेक्टर आशीष तिवारी ने कन्हवारा स्थित गौशाला का निरीक्षण कर गोवंश के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गौशाला में साफ-सफाई, चारे की उपलब्धता और पशुओं के रख-रखाव की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, एसडीएम कटनी जितेन्द्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
गौशाला संचालन की ली जानकारी
कलेक्टर आशीष तिवारी ने गौशाला संचालन से जुड़ी प्रतिमा स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती सीमा खंगार से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से गौवंश के लिए भूसे की उपलब्धता और नियमित चारा वितरण के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
अध्यक्ष ने बताया कि गौशाला में वर्तमान में 130 गोवंश हैं और उन्हें नियमित रूप से भूसा उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही गौशाला परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने की जानकारी भी दी गई।
गायों को खिलाया गुड़, केला और गो-ग्रास
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गौशाला में मौजूद गायों को गो-ग्रास, गुड़ और केला खिलाया। उन्होंने गोवंश के रख-रखाव की व्यवस्थाओं को देखा और मौके पर मौजूद अधिकारियों से आवश्यक जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।
दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर
कलेक्टर ने गौशाला में गोवंश से होने वाले दूध उत्पादन की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में लगभग 2 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन हो रहा है।
कलेक्टर ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को शत-प्रतिशत सेक्स-सॉर्टेड सीमन के माध्यम से उन्नत नस्ल की बछिया की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए गौशाला की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाए और दूध उत्पादन में वृद्धि के लिए आवश्यक प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।
कलेक्टर ने गौशाला में गोवंश के बेहतर स्वास्थ्य, समुचित पोषण और प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।




