हर घर तिरंगा अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर, जिला पंचायत सीईओ ने दिए निर्देश
तिरंगे की गरिमा और भारतीय ध्वज संहिता के नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील

कटनी, 10 अगस्त। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जिले में व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए जिला पंचायत सीईओ एवं अभियान की नोडल अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने जिले की समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
सुश्री कौर ने अधिकारियों से कहा है कि अभियान से अधिक से अधिक नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शासकीय एवं निजी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक सहभागिता करें और राष्ट्रीय ध्वज को भारतीय ध्वज संहिता के प्रावधानों के अनुरूप सम्मानपूर्वक फहराएं। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। इसलिए राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों को अभियान से जोड़ने के निर्देश
जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गरिमामय एवं देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया जाए।
उन्होंने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को भी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान-2026 से जोड़कर व्यापक स्तर पर मनाने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में न हो कोई लापरवाही
सुश्री कौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 अगस्त को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोहों में जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान भारतीय ध्वज संहिता के सभी नियमों एवं प्रावधानों का पालन कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। तिरंगे की गरिमा और सम्मान बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं, ताकि किसी भी परिस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान न हो।




