नवरात्रि और दशहरा पर्व को लेकर नगर निगम अलर्ट, विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
निगमायुक्त तपस्या परिहार ने विभागवार सौंपी जिम्मेदारी, सड़कों की मरम्मत से लेकर पेयजल, सफाई और विद्युत व्यवस्था के निर्देश

निगमायुक्त तपस्या परिहार ने विभागवार सौंपी जिम्मेदारी, सड़कों की मरम्मत से लेकर पेयजल, सफाई और विद्युत व्यवस्था के निर्देश,
राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी, 10 अक्टूबर। नवरात्रि, जवारा विसर्जन और दशहरा पर्व को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निगमायुक्त तपस्या परिहार ने व्यवस्थाओं को लेकर कार्यादेश जारी करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। साथ ही सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार नवरात्रि पर्व 11 अक्टूबर से शुरू होगा। 19 अक्टूबर को जवारा विसर्जन और 20 अक्टूबर को दशहरा चल समारोह के साथ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। दशहरा चल समारोह शाम 5 बजे कमानिया गेट, स्टेशन रोड से शुरू होकर सुभाष चौक, झंडा बाजार, शेर चौक और आजाद चौक होते हुए मोहन घाट, गाटर घाट सहित निर्धारित विसर्जन स्थलों तक पहुंचेगा।
व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए उपायुक्त प्रियंका झारिया को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है, जबकि कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा और राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक सहायक प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सड़कों की मरम्मत और विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के निर्देश
नगर निगम की लोक निर्माण शाखा को जुलूस मार्गों, मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्तों और विसर्जन स्थलों की सड़कों के गड्ढे भरने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। मोहन घाट, गाटर घाट और अन्य निर्धारित स्थलों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, कृत्रिम विसर्जन कुंड, गोताखोर, तैराक, लाइफ जैकेट और मोटर बोट सहित आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित कुंडों में ही कराने पर जोर दिया गया है।
सफाई, पेयजल और बिजली व्यवस्था पर फोकस
पर्व के दौरान मंदिरों, जुलूस मार्गों और विसर्जन स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को कचरा प्रबंधन, कीटनाशक छिड़काव, चूने की लाइनिंग और महिलाओं के लिए चलित शौचालयों की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई है। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल टैंकर, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और विद्युत व्यवधान की स्थिति में वैकल्पिक इंतजाम भी किए जाएंगे। पुलिस कंट्रोल रूम में फायर ब्रिगेड वाहन और कर्मचारियों को तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिक्रमण हटाने और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
निगमायुक्त ने जुलूस मार्गों एवं प्रतिमा स्थापना स्थलों के आसपास आवागमन में बाधा बनने वाले अस्थायी अतिक्रमण हटाने, जर्जर भवनों के असुरक्षित हिस्सों पर लोगों के बैठने से रोकने और संवेदनशील स्थानों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रतिबंधित विसर्जन स्थलों की जानकारी और निर्धारित विसर्जन कुंडों के संबंध में नागरिकों को जागरूक भी किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी से बनी दुर्गा प्रतिमाओं को प्रोत्साहित करने तथा निर्धारित पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप विसर्जन कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। निगमायुक्त तपस्या परिहार ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।




