फर्जी हिन्दी मुद्रलेखन प्रमाण-पत्र पर सहायक ग्रेड-3 को पदावनत करने के आदेश

फर्जी हिन्दी मुद्रलेखन प्रमाण-पत्र पर सहायक ग्रेड-3 को पदावनत करने के आदेश
राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी, 19 अगस्त। महिला एवं बाल विकास विभाग, कटनी में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 आशाराम राजपूत को फर्जी हिन्दी मुद्रलेखन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर अनुचित लाभ लेने और कार्यालय को गुमराह करने के मामले में पदावनत कर दिया गया है। विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद कलेक्टर आशीष तिवारी ने उन्हें सहायक ग्रेड-3 के पद से वापस चतुर्थ श्रेणी भृत्य के पद पर प्रत्यावर्तित करने के आदेश जारी किए हैं। उनकी नई पदस्थापना कार्यालय परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना ढीमरखेड़ा में की गई है।
2006 में भृत्य पद से मिली थी पदोन्नति
जानकारी के अनुसार आशाराम राजपूत की वर्ष 2006 में भृत्य के पद से सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति हुई थी। वर्ष 2019 में प्रथम समयमान वेतनमान दिए जाने की प्रक्रिया के दौरान उनकी सेवा पुस्तिका में हिन्दी मुद्रलेखन परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण-पत्र दर्ज नहीं मिला। इस पर जिला पेंशन कार्यालय की ओर से आपत्ति दर्ज की गई थी।
जांच में प्रमाण-पत्र रिकॉर्ड से नहीं मिला
विभागीय निर्देश के बाद आशाराम राजपूत ने नवंबर 2020 में हिन्दी मुद्रलेखन परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया। प्रमाण-पत्र की जांच शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन परीक्षा परिषद, भोपाल से कराई गई। जांच के दौरान प्रमाण-पत्र में दर्ज जानकारी का उपलब्ध परीक्षाफल और संबंधित अभिलेखों से मिलान नहीं पाया गया।
इसके बाद मामले में विभागीय जांच कराई गई। जांच में फर्जी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर अनुचित लाभ लेने तथा कार्यालय को गुमराह करने संबंधी आरोप प्रमाणित पाए गए।
समयमान वेतनमान का आदेश भी निरस्त
विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर कलेक्टर आशीष तिवारी ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-10 के तहत कार्रवाई की है। आदेश के अनुसार आशाराम राजपूत को सहायक ग्रेड-3 के पद से चतुर्थ श्रेणी भृत्य के पद पर प्रत्यावर्तित किया गया है।
इसके साथ ही वर्ष 2019 में उन्हें प्रदान किया गया प्रथम समयमान वेतनमान का आदेश भी निरस्त कर दिया गया है। अब उनकी पदस्थापना बाल विकास परियोजना ढीमरखेड़ा कार्यालय में भृत्य के पद पर की गई है।




