टॉप न्यूज़मध्य प्रदेश

पत्रकारिता में तथ्य और विश्वसनीयता सबसे अहम, एआई के उपयोग के साथ सत्यापन पर जोर

Katni

पत्रकारिता में तथ्य और विश्वसनीयता सबसे अहम, एआई के उपयोग के साथ सत्यापन पर जोर,

राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24 

कटनी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ, जिला इकाई कटनी द्वारा सरदार पटेल यूनिवर्सिटी, बालाघाट के सहयोग से 2 अक्टूबर को राज पैलेस, मंडी रोड में एक दिवसीय पत्रकार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में समाचार लेखन, तथ्य सत्यापन, खोजी पत्रकारिता, आरटीआई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग सहित पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। आयोजक एवं मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र राजपूत ने अतिथियों और पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। पत्रकारों को सत्य, तथ्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए विश्वसनीय समाचार समाज तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
जबलपुर के वरिष्ठ पत्रकार सुमन पुरोहित ने समाचार लेखन और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी है। उन्होंने समाचार के दोनों पक्षों को समझने और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी जुटाने पर जोर दिया।
फिल्म मेकर एवं जीवना विजुअल्स के फाउंडर लकी पुरोहित ने पत्रकारिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर जानकारी दी। उन्होंने ChatGPT और Gemini जैसे एआई टूल्स के उपयोग को समझाते हुए कहा कि एआई पत्रकारों के लिए उपयोगी सहायक तकनीक है, लेकिन इससे प्राप्त जानकारी का स्वतंत्र रूप से सत्यापन आवश्यक है।
एडवोकेट एवं आरटीआई एक्टिविस्ट सचिन मिश्रा ने सूचना के अधिकार अधिनियम की प्रक्रिया और उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आरटीआई पत्रकारों के लिए तथ्यों और दस्तावेजों तक पहुंच बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसका उपयोग जनहित के मामलों में जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।
डॉ. मनोज खरे ने खोजी पत्रकारिता के दौरान विषय चयन, विश्वसनीय स्रोतों, दस्तावेजों और तथ्यों की जांच से जुड़ी सावधानियों पर मार्गदर्शन दिया। वहीं वरिष्ठ पत्रकार आर.बी. गुप्ता ने जनसरोकार और सामाजिक जिम्मेदारी को पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। डॉ. ज्योति राजपूत ने सकारात्मक सोच के साथ जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही।
कार्यक्रम में डॉ. पारस जैन सहित अन्य अतिथियों ने पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया। पत्रकारों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछे, जिनका वक्ताओं ने जवाब दिया। इस दौरान अतिथियों एवं प्रशिक्षकों का सम्मान भी किया गया।
प्रशिक्षण शिविर में शामिल 75 पत्रकारों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ। इसके बाद अतिथियों, प्रशिक्षकों और पत्रकारों के लिए स्नेह भोज का आयोजन किया गया।
आयोजकों के अनुसार, शिविर का उद्देश्य पत्रकारों को बदलते दौर में पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के साथ नई तकनीकों, आरटीआई और खोजी पत्रकारिता के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना था। अंत में सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!