कम उत्पादन और घटते राजस्व पर कलेक्टर सख्त, खदानों का हुआ औचक निरीक्षण
माइनिंग प्लान के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने के निर्देश, खदानों में जलभराव और पर्यावरणीय दायित्वों की भी जांच

माइनिंग प्लान के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने के निर्देश, खदानों में जलभराव और पर्यावरणीय दायित्वों की भी जांच
राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। जिले में खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग और शासकीय राजस्व में वृद्धि को लेकर कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर खनिज विभाग ने खदानों के भौतिक सत्यापन की कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने पूंछी, बिसरा, सलैया और कैमूर क्षेत्र में संचालित चूना पत्थर की करीब आधा दर्जन खदानों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान खदानों में उत्पादन, खनिज प्रेषण, रॉयल्टी और पर्यावरणीय दायित्वों की मौके पर जांच की गई। अधिकारियों ने स्वीकृत क्षमता की तुलना में कम उत्पादन और प्रेषण के कारणों की भी जानकारी ली।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने खनिज विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए थे कि कम उत्पादन और कम राजस्व वाली खदानों की वास्तविक स्थिति का मौके पर जाकर सत्यापन किया जाए। इसी के तहत रंजन ग्रोवर, सुमित ग्रोवर, कर्मचंद एसोसिएट्स और एन.एम. दुबास सहित अन्य खदानों का स्थल निरीक्षण किया गया।
बारिश के कारण खदानों में मिला जलभराव
निरीक्षण के दौरान कई खदानों में बारिश के कारण जलभराव पाया गया। खदान संचालकों से कम उत्पादन के कारणों की जानकारी लेने के साथ ही खदान संचालन की वर्तमान स्थिति का भी परीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने खदान संचालकों को अनुमोदित माइनिंग प्लान के अनुरूप उत्पादन और खनिज प्रेषण बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही रॉयल्टी की राशि समय पर जमा करने और शासन के राजस्व हितों का ध्यान रखने की हिदायत दी गई।
खदान क्षेत्रों में विकसित होगा सघन हरित क्षेत्र
खनन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। मानसून के दौरान खदान परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में सघन वृक्षारोपण कर हरित क्षेत्र विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। पूर्व में पट्टेदारों द्वारा विकसित ग्रीन बेल्ट का भी मौके पर सत्यापन किया गया, जिसे संतोषजनक पाया गया।
कम राजस्व वाली खदानों की जांच जारी रहेगी
खनिज विभाग के अनुसार कम उत्पादन और कम राजस्व वाली खदानों का भौतिक सत्यापन आगे भी जारी रहेगा। जिले की अन्य तहसीलों में संचालित खदानों की भी जांच कर उत्पादन, प्रेषण और राजस्व की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
इस कार्रवाई का उद्देश्य खनिज संसाधनों का नियमानुसार उपयोग, शासकीय राजस्व की प्राप्ति, खनन गतिविधियों में पारदर्शिता और पर्यावरणीय दायित्वों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण के दौरान उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, सहायक खनिज अधिकारी कमलकांत परस्ते सहित खनिज विभाग का अमला मौजूद रहा।




