बलराम जयंती पर तिलक महाविद्यालय में कृषि संस्कृति पर हुई संगोष्ठी
विद्यार्थियों को भगवान बलराम के व्यक्तित्व, पराक्रम और कृषि से जुड़ी परंपरा की दी जानकारी

विद्यार्थियों को भगवान बलराम के व्यक्तित्व, पराक्रम और कृषि से जुड़ी परंपरा की दी जानकारी,
राजेश साधेलिया कटनी न्यूज 24
कटनी। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी में बलराम जयंती के अवसर पर कृषि आधारित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बाजपेई की अध्यक्षता तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. माधुरी गर्ग के नेतृत्व में आयोजित हुआ।
संगोष्ठी में भगवान बलराम के व्यक्तित्व, कृतित्व, पराक्रम और कृषि संस्कृति से उनके जुड़ाव पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को भगवान बलराम के जीवन एवं उनके विचारों से परिचित कराने के लिए डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बाजपेई ने कहा कि भगवान बलराम का जीवन शक्ति, पराक्रम और कर्मशीलता का प्रेरणादायी उदाहरण है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार उन्हें शेषनाग का अवतार माना जाता है। भगवान बलराम का जीवन कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन परंपराओं से भी गहराई से जुड़ा रहा है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. माधुरी गर्ग ने भगवान बलराम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम को बलदाऊ के नाम से भी जाना जाता है। उनकी जयंती भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है, जिसे हलषष्ठी या हलछठ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान बलराम का प्रमुख अस्त्र हल और मुसल माना जाता है, जिसके कारण उनका संबंध कृषि संस्कृति से विशेष रूप से जोड़ा जाता है।
संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय परंपरा में कृषि के महत्व, भगवान बलराम के व्यक्तित्व और उनके जीवन मूल्यों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शैक्षणिक संवर्ग सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रतिमा त्रिपाठी एवं डॉ. राजकुमार ने किया।




