पंच सम्मेलन में ग्राम विकास की पारदर्शी कार्ययोजना पर जोर
जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील

जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील,
राजेश साधेलिया कटनी न्यूज 24
कटनी, 19 अगस्त। ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जनभागीदारी और स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से बुधवार को बस स्टैंड स्थित ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित किया गया। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 (VB-G RAM G) के तहत आयोजित सम्मेलन में जिलेभर से जनपद सदस्य, सरपंच, पंच, पंचायत सचिव और रोजगार सहायक सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां वीणापाणी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पमाला अर्पित कर किया गया। इस दौरान बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सोनी टंडन, जिला पंचायत सदस्य अजय गोटिया, कविता पंकज राय, प्रेमलाल केवट, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, बहोरीबंद जनपद अध्यक्ष लालकमल बंसल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
जल संरक्षण और वृक्षारोपण को प्राथमिकता
बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के आधार पर विकास प्लान तैयार करें। उन्होंने जल संरक्षण एवं संवर्धन तथा वृक्षारोपण के कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही, ताकि गांवों में विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।
भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सोनी टंडन ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे जनसेवक की भूमिका को गंभीरता से निभाते हुए दूरगामी सोच के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास कार्यों की योजना तैयार करें। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सामुदायिक सहभागिता पर भी जोर दिया।
अधिनियम के प्रावधानों की दी जानकारी
जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यों, सरपंचों और पंचों को VB-G RAM G अधिनियम के उद्देश्यों, प्रमुख अवधारणाओं, नियमों, प्रावधानों और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राम की वास्तविक आवश्यकता, उपलब्ध संसाधन और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं और बेहतर कार्यान्वयन के लिए सुझाव भी लिए। ग्राम पंचायत लखापतेरी, मड़ई सहित अन्य पंचायतों के सरपंचों द्वारा पूछे गए सवालों और जिज्ञासाओं का अधिकारियों ने समाधान किया। इस दौरान वीडियो फिल्म के माध्यम से भी अधिनियम और योजना से संबंधित जानकारी दी गई।
विभिन्न विषयों पर अधिकारियों ने किया मार्गदर्शन
जिला पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय गोटिया ने योजना से होने वाले संभावित लाभों की जानकारी दी। कविता पंकज राय ने भी योजना के संबंध में अपने विचार रखे। बहोरीबंद जनपद अध्यक्ष लालकमल बंसल ने मैदानी स्तर पर योजना के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों और गतिविधियों से अवगत कराया।
परियोजना अधिकारी ऋषिराज चढ़ार ने अधिनियम के तहत ग्राम विकास के लिए एकीकृत दृष्टिकोण, योजना के लाभ और पांच प्रमुख स्तंभों के संबंध में जानकारी दी। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य ने नल-जल योजनाओं के संचालन एवं संधारण के लिए तकनीकी स्वीकृति जारी करने की प्रक्रिया बताई। सहायक यंत्री अभिषेक त्रिपाठी ने नल-जल योजना के संचालन एवं संधारण से जुड़े नियमों की जानकारी दी।
आरजीएसएसए के जिला प्रबंधक पंकज नामदेव ने ओएसआर से संबंधित शासन के निर्देशों पर प्रकाश डाला।
पारदर्शिता की शपथ के साथ हुआ समापन
सम्मेलन के अंत में ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और जनहित को प्राथमिकता देने की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम का संचालन एपीओ अजीत सिंह ने किया, जबकि लेखा अधिकारी सुरभित अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया।
इनकी रही मौजूदगी: सम्मेलन में जिले की विभिन्न जनपद पंचायतों के जनपद सदस्य, सरपंच, पंच, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक सहित जनपद पंचायत बड़वारा की सीईओ प्रभा तेकाम, परियोजना अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, सहायक परियोजना अधिकारी मृगेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अधिकारी योगेंद्र कुमार असाटी, धनराज चौधरी, जग्गी पटेल, किस्पोट्टा, नरेश राठौर, उमेश सोनी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




