नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर राजस्व निरीक्षकों को पदोन्नति देने की मांग

राजस्व निरीक्षक संघ ने मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, नियमों में आवश्यक संशोधन की उठाई मांग
✍️राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। मध्यप्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ ने राजस्व निरीक्षक संवर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर पदोन्नति दिए जाने की मांग की है। संघ ने इस संबंध में मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर आवश्यक नियम संशोधन एवं पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ करने का आग्रह किया है।
संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार त्रिसोलिया ने बताया कि प्रदेश में नायब तहसीलदार के पदों पर बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं। संघ के अनुसार, सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा के पदों को छोड़कर नायब तहसीलदार के कुल 672 पद रिक्त हैं। इनमें सीधी भर्ती के 538 तथा राजस्व निरीक्षक संवर्ग से पदोन्नति के 22 पद शामिल हैं। वहीं नायब तहसीलदार (भू-संसाधन प्रबंधन) के सीधी भर्ती के 69 और राजस्व निरीक्षक संवर्ग से पदोन्नति के 43 पद रिक्त बताए गए हैं।
एक बार रिक्त पदों पर पदोन्नति की मांग
संघ ने मांग की है कि नियमों में आवश्यक संशोधन कर एक बार के लिए नायब तहसीलदार के सीधी भर्ती के रिक्त पदों को पदोन्नति के लिए उपयोग में लाते हुए राजस्व निरीक्षक संवर्ग के पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
संघ का कहना है कि राजस्व निरीक्षक लंबे समय से मैदानी स्तर पर राजस्व प्रशासन से जुड़े कार्यों का अनुभव रखते हैं। ऐसे में उन्हें पदोन्नति देने से शासन को अनुभवी अधिकारी उपलब्ध होंगे और नए अधिकारियों के प्रशिक्षण में लगने वाले समय एवं संसाधनों की भी बचत होगी।
शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार कम होने का दावा
राजस्व निरीक्षक संघ ने ज्ञापन में कहा है कि वर्तमान में संवर्ग के अधिकांश अधिकारी एवं कर्मचारी नायब तहसीलदार के समकक्ष वेतनमान अथवा वेतन संबंधी लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसलिए पदोन्नति से शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार भी अपेक्षाकृत कम पड़ेगा।
संघ के अनुसार, एक बार रिक्त पदों पर विभागीय पदोन्नति किए जाने के बाद भविष्य में नायब तहसीलदार के पद नियमानुसार सीधी भर्ती से भरे जा सकेंगे। इससे पदोन्नति और सीधी भर्ती के बीच संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
वरिष्ठता सूची संशोधित करने की मांग
संघ ने पदोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी एवं न्यायसंगत बनाने के लिए वर्तमान वरिष्ठता सूची को भी अद्यतन करने की मांग की है। संघ ने कहा कि वरिष्ठता सूची में शामिल दिवंगत, पदच्युत, सेवानिवृत्त अथवा पहले ही पदोन्नत हो चुके राजस्व निरीक्षकों के नाम नियमानुसार हटाकर संशोधित वरिष्ठता सूची तैयार की जानी चाहिए।
भत्तों में वृद्धि की भी मांग
संघ ने यह भी मांग रखी है कि यदि सभी पात्र राजस्व निरीक्षकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाता है, तो संवर्ग की लंबित मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए। इसके तहत स्टेशनरी भत्ता ₹2,500 प्रतिमाह तथा अतिरिक्त सर्किल भत्ता ₹10,000 प्रतिमाह किए जाने सहित अन्य अनुमन्य सुविधाओं को वर्तमान महंगाई और कार्य की प्रकृति के अनुरूप पुनरीक्षित करने की मांग की गई है।
संघ ने वैकल्पिक रूप से नायब तहसीलदार पद पर राजस्व निरीक्षक संवर्ग के पदोन्नति कोटे को बढ़ाकर कम से कम 75 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव भी रखा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर मिल सके।
राजस्व निरीक्षक संघ ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक नियम संशोधन और पदोन्नति की कार्रवाई प्रारंभ करने का आग्रह किया है।




