डाइट में शैक्षिक संवाद का जिला स्तरीय उन्मुखीकरण संपन्न
जॉयफुल लर्निंग से कक्षा को बनाया जाएगा अधिक आनंददायी और प्रभावी

जॉयफुल लर्निंग से कक्षा को बनाया जाएगा अधिक आनंददायी और प्रभावी,
राजेश सांधेलिया कटनी न्यूज 24
कटनी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) कटनी में कक्षा 6 से 8 तक अध्यापन कराने वाले शिक्षकों एवं जनशिक्षकों के लिए एक दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश एवं डाइट प्राचार्य एम.पी. डुंगडुंग के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में जिले के सभी विकासखंडों के शिक्षक एवं जनशिक्षक शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। डाइट के शैक्षिक संवाद प्रभारी राकेश सिन्नरकर ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अगस्त से जनवरी तक कुल पांच शैक्षिक संवाद आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को कक्षा 1 से 2, तृतीय शनिवार को कक्षा 3 से 5 तथा चतुर्थ शनिवार को कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए शैक्षिक संवाद आयोजित होगा। इसी क्रम में 22 अगस्त को जिले के प्रत्येक जनशिक्षा केंद्र पर कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए शैक्षिक संवाद आयोजित किया जाएगा।
विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से दिया प्रशिक्षण
राज्य स्तर से प्रशिक्षित सहजकर्ता सारिका गुप्ता एवं सुषमा अग्रवाल ने सत्र 2025-26 में आयोजित शैक्षिक संवादों का पुनरावलोकन कराया। इस माह की थीम ‘कक्षा से जुड़ाव : जॉयफुल लर्निंग हेतु एक पहल’ पर शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में वेलकम सर्कल, परिचय गतिविधि, भूमिका निर्माण, ‘मेरी कहानी विद्यार्थियों की जुबानी’ सहित कहानी, समूह कार्य, चिंतन और सहभागिता आधारित गतिविधियां कराई गईं। इसके साथ ही ‘मेरी पहचान-मैं कौन हूं’, स्थानीय समुदाय को समझने के लिए सामूहिक नक्शा निर्माण, ‘हमारा गांव-हमारी प्रस्तुति’, पहेली एवं दिमागी खेल जैसी गतिविधियों के माध्यम से कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक और सहभागितापूर्ण बनाने के तरीके बताए गए।
पीपल संस्था के नौशाद ने बच्चों को कहानी सुनाने तथा कहानी के माध्यम से उनमें चिंतन क्षमता विकसित करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि गतिविधि आधारित एवं आनंदपूर्ण शिक्षण से विद्यार्थियों की कक्षा में सहभागिता बढ़ाई जा सकती है।
12 बिंदुओं पर होगा शालाओं का स्व-आकलन
प्रशिक्षण प्रभारी राजेंद्र असाटी ने कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देशन में तैयार किए गए मॉनिटरिंग के 12 बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। सभी जनशिक्षकों को इन बिंदुओं की प्रति उपलब्ध कराते हुए निर्देश दिए गए कि शालाएं इनके आधार पर अपना स्व-आकलन करें। आगामी 15 दिनों बाद इन्हीं बिंदुओं के आधार पर शालाओं का अनुवीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने प्राथमिक शालाओं को ‘निपुण शाला’ बनाने की प्रक्रिया तथा इस दिशा में शिक्षकों और जनशिक्षकों की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा केंद्र के जिला परियोजना समन्वयक प्रेम नारायण तिवारी ने भी मार्गदर्शन दिया। इस दौरान प्राचार्य डाइट श्रीमती ज्योति श्रीवास्तव, कमलेश सोनी, उमाशंकर सैनी, देवेन्द्र तिवारी, शिवराम तिवारी, राजेश गुप्ता, मंजू शर्मा, विक्रम सूर्यवंशी, संतोष जायसवाल, रामकुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
उन्मुखीकरण के बाद सभी जनशिक्षक एवं सहजकर्ता 22 अगस्त को अपने-अपने जनशिक्षा केंद्रों में शैक्षिक संवाद आयोजित करेंगे। कार्यक्रम में जॉयफुल लर्निंग के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने के लिए बेहतर, आनंददायी और सहभागितापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।




