बड़वारा पुलिस की मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 1.872 किलो गांजा के साथ 70 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
मोटरसाइकिल में छिपाकर ले जाया जा रहा था गांजा, पुलिस ने बाइक सहित करीब 80 हजार रुपये का मशरूका किया जब्त

मोटरसाइकिल में छिपाकर ले जाया जा रहा था गांजा, पुलिस ने बाइक सहित करीब 80 हजार रुपये का मशरूका किया जब्त
विकास साहू
कटनी। जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर बड़वारा पुलिस ने मादक पदार्थ गांजा की तस्करी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1.872 किलोग्राम गांजा और एक टीवीएस स्टार सिटी मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में बड़वारा पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
इसी क्रम में 17 अगस्त 2026 को पुलिस टीम देहात भ्रमण पर थी। इस दौरान ग्राम सल्हना मोड़ स्थित यात्री प्रतीक्षालय के पास एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। पुलिस टीम को देखकर उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रामप्रसाद कोल, पिता स्वर्गीय लुखरु कोल, उम्र 70 वर्ष, निवासी ग्राम खरहटा, थाना बड़वारा, जिला कटनी बताया। पुलिस ने हमराह स्टाफ एवं स्वतंत्र साक्षियों की मौजूदगी में मोटरसाइकिल क्रमांक MP 21 MG 1507 की विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल में टंगे नीले रंग के प्लास्टिक के थैले से 1.872 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने गांजा और मोटरसाइकिल को विधिवत जब्त कर आरोपी के विरुद्ध धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस द्वारा जब्त मादक पदार्थ के संबंध में आरोपी से आगे पूछताछ भी की जा रही है।
कार्रवाई में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उनि सुयश पाण्डेय, सउनि रघुवीर सिंह, प्रधान आरक्षक पवनराज, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र चढ़ार, आरक्षक गौरीशंकर राजपूत, आरक्षक शिवप्रकाश तिवारी एवं आरक्षक बृजलाल प्रजापति की विशेष भूमिका रही।




