ओवरलोडिंग पर कसेगा शिकंजा, भारी वाहनों में रिफ्लेक्टर और ऑटो में अतिरिक्त सवारी पर रोक
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए सख्त निर्देश, ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार पर जोर

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए सख्त निर्देश, ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार पर जोर,
राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने के साथ सड़क सुरक्षा के उपायों को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, वनमंडलाधिकारी गर्वित गंगवार और नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
ओवरलोड वाहनों पर संयुक्त कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ने जिले में ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, परिवहन और खनिज विभाग की संयुक्त टीम गठित कर नियमित रूप से ओवरलोड वाहनों की जांच करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने भारी वाहनों के आगे और पीछे अनिवार्य रूप से रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए, ताकि रात के समय वाहनों की दृश्यता बढ़ाई जा सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।
ऑटो में क्षमता से अधिक सवारी पर रोक
कलेक्टर ने ऑटो रिक्शा में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही ऑटो रिक्शा के माध्यम से लंबी दूरी के यात्रियों के परिवहन को नियंत्रित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की समीक्षा
बैठक में जिले के प्रमुख नेशनल और स्टेट हाईवे, चिन्हित ब्लैक स्पॉट, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों तथा सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों की विस्तृत समीक्षा की गई। यातायात निरीक्षक अनूप सिंह ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़े और सड़क सुरक्षा के लिए प्रस्तावित इंजीनियरिंग, प्रवर्तन एवं जागरूकता संबंधी उपायों की जानकारी दी।
कलेक्टर ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़क संकेतक, रिफ्लेक्टर, प्रकाश व्यवस्था सहित आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए।
ब्लैक स्पॉट की संख्या में आई कमी
बैठक में वर्ष 2022 से 2026 तक जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों और विभिन्न विभागों के समन्वय से ब्लैक स्पॉट की संख्या में कमी आई है।
कलेक्टर ने शेष दुर्घटना संभावित स्थानों पर भी आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र पूरा कराने तथा वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए चेतावनी और सुरक्षा संकेतकों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
‘आपका सारथी कौन’ अभियान से मिलेगी ऑटो चालक की जानकारी
बैठक में जिले में संचालित ‘आपका सारथी कौन’ अभियान की भी समीक्षा की गई। अभियान के तहत ऑटो चालकों को क्यूआर कोड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यात्री क्यूआर कोड स्कैन कर ऑटो चालक से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। प्रशासन का उद्देश्य इस व्यवस्था के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।
स्पीड, नो-पार्किंग सहित विभिन्न अभियानों की समीक्षा
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में जिले में संचालित ऑपरेशन स्पीड कंट्रोल, ऑपरेशन सेफ, ऑपरेशन सुरक्षित संगम, ऑपरेशन नो रोड पार्किंग और ऑपरेशन रेडियम सहित विभिन्न सड़क सुरक्षा अभियानों की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इन अभियानों के तहत तेज गति से वाहन चलाने, यातायात नियमों के उल्लंघन, नो-पार्किंग, सड़क किनारे वाहनों की दृश्यता और अन्य यातायात संबंधी मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पिछले आठ माह में पुलिस द्वारा तेज गति से वाहन चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग, तीन सवारी, नो-पार्किंग और मॉडिफाइड साइलेंसर सहित विभिन्न मामलों में चालानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही वाहन चालकों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
गोल्डन ऑवर में उपचार के लिए राहवीर योजना के प्रचार पर जोर
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को राहवीर योजना एवं प्रधानमंत्री राहत/कैशलेस उपचार योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में आम नागरिकों को दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी होना जरूरी है।
बैठक में यातायात निरीक्षक अनूप सिंह, आरटीओ संतोष पाल, उप संचालक खनिज रत्नेश दीक्षित सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने सभी विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखते हुए प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के लिए प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों को मिलकर लगातार प्रयास करना होगा।




