विजयराघवगढ़ तहसील में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, लंबित मामलों पर सख्ती,
बंटवारा नस्ती में मिली खामियां, तहसीलदार और रीडर को नोटिस के निर्देश

बंटवारा नस्ती में मिली खामियां, तहसीलदार और रीडर को नोटिस के निर्देश,
राजेश कुमार तिवारी
कटनी, 18 सितंबर। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत कलेक्टर आशीष तिवारी ने शुक्रवार को विजयराघवगढ़ संयुक्त तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने नायब तहसीलदार न्यायालय पहुंचकर लंबित राजस्व प्रकरणों, अभिलेखों के रखरखाव और राजस्व कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसील कार्यालय पहुंचे नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनके काम और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।
बंटवारा नस्ती में मिली प्रक्रियात्मक कमियां
निरीक्षण के दौरान फर्द-बंटवारा और नक्शा प्रदर्शित नहीं किए जाने, अभिलेखों में नायब तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं होने तथा पद-मुद्रा की सील नहीं लगी होने जैसी कमियां सामने आईं। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए एसडीएम विजयराघवगढ़ निधि सिंह गोहल को नायब तहसीलदार प्रेमलाल चौधरी और रीडर मोहम्मद यूसुफ सिद्दीकी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने खुद जांची बंटवारा नस्ती
कलेक्टर ने रीडर की टेबल पर रखी बंटवारा नस्तियों में से एक प्रकरण को स्वयं जांचा। नस्ती में मिली कमियों को उन्होंने मौके पर ही दुरुस्त कराया। आवश्यक हस्ताक्षर करवाने के साथ पद-मुद्रा की सील भी लगवाई गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को बंटवारा संबंधी कार्यवाही नियमानुसार और पूरी प्रक्रिया के साथ करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लंबित राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही अभिलेखों के व्यवस्थित और सुरक्षित रखरखाव के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर, वन मंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, एसडीएम विजयराघवगढ़ निधि सिंह गोहल सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




