राखी का धागा नहीं, भाई-बहन के अटूट रिश्ते की पहचान है रक्षाबंधन

राखी का धागा नहीं, भाई-बहन के अटूट रिश्ते की पहचान है रक्षाबंधन,
✍️राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। कलाई पर बंधी राखी भले ही एक साधारण धागा नजर आए, लेकिन इसके साथ भाई-बहन की भावनाएं, बचपन की यादें और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने का विश्वास जुड़ा होता है।
रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं। वहीं भाई भी अपनी बहनों की हर परिस्थिति में साथ देने और उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं।
पर्व को लेकर बाजारों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। रंग-बिरंगी राखियों से सजे बाजारों में बहनों की पसंद की राखियां खरीदने के लिए भीड़ नजर आ रही है। बच्चों से लेकर बड़ों तक रक्षाबंधन को लेकर उत्साह बना हुआ है।
कलाई पर बंधा ये धागा सिर्फ धागा नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्यार, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने के रिश्ते की पहचान है। यही रक्षाबंधन की असली खूबसूरती है।




