टीएल बैठक में निगमायुक्त का सख्त रुख, लंबित मामलों पर तय होगी जवाबदेही
एक सप्ताह में टीएल प्रकरणों के निराकरण के निर्देश, महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समय-सीमा होगी निर्धारित

कटनी। नगर निगम की समय-सीमा बैठक में निगमायुक्त तपस्या परिहार ने लंबित प्रकरणों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास एवं जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एमआईसी सभाकक्ष में आयोजित बैठक में निगमायुक्त ने सभी विभागों को अपने कार्यों की रोजाना समीक्षा करने तथा टीएल प्रकरणों का एक सप्ताह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में निगमायुक्त ने ई-ऑफिस व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन विभागों का ई-ऑफिस में पंजीयन हो चुका है, वहां नस्तियों का संचालन अनिवार्य रूप से इसी माध्यम से किया जाए। शेष विभागों में भी ई-ऑफिस व्यवस्था जल्द लागू करने के निर्देश दिए गए। वहीं सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण, समग्र आईडी की आधार से लिंकिंग और ई-केवाईसी के लंबित मामलों को प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दिया गया।
महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समय-सीमा तय होगी
निगम की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। पेयजल आपूर्ति, सब्जी मंडी, मीट मार्केट और डेयरी विस्थापन सहित अन्य परियोजनाओं की चरणबद्ध समीक्षा करते हुए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
सफाई और मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर जोर
बारिश के मौसम में जलजमाव और मौसमी बीमारियों की आशंका को देखते हुए शहर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को कीटनाशक दवा के छिड़काव और फॉगिंग अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में आवारा मवेशियों के कारण नागरिकों को होने वाली परेशानी को देखते हुए कार्रवाई में तेजी लाने को कहा।
वार्ड क्रमांक 22 और 39 में स्वच्छता कर्मियों की कम उपस्थिति पर निगमायुक्त ने नाराजगी जताते हुए संबंधित वार्ड दरोगाओं को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी पर कार्रवाई
अवैध कॉलोनियों, जर्जर भवनों, फायर सेफ्टी और स्वीकृति के विपरीत किए गए निर्माणों की समीक्षा के दौरान निगमायुक्त ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। लंबित अवैध कॉलोनी प्रकरणों में संबंधित थानों से समन्वय कर एफआईआर की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
कोचिंग सेंटर, अस्पताल, होटल और मॉल में फायर सेफ्टी मानकों की जांच कर कमियां मिलने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अवैध मैरिज गार्डन, जर्जर भवनों और नियम विरुद्ध निर्माणों को क्षेत्रवार चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई एवं कम्पाउंडिंग की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।
हैंडपंप और जल स्रोतों का होगा नियमित क्लोरीनेशन
वर्षाकाल में पेयजल की शुद्धता बनाए रखने के लिए निगमायुक्त ने शहर के सभी हैंडपंपों और जल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन कराने के निर्देश दिए। जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के साथ क्लोरीनेशन के बाद पानी की गुणवत्ता की जांच कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम की जा सके।
पीएम स्वनिधि की धीमी प्रगति पर नाराजगी
पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान 25 हजार और 50 हजार रुपये के नवीन आवेदनों की कम प्रगति पर निगमायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए। संबल योजना और समग्र ई-केवाईसी के लंबित मामलों का भी समय-सीमा में निराकरण करने को कहा गया।
कम राजस्व वसूली पर सख्ती
जलकर राहत योजना और राजस्व वसूली की समीक्षा में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बकायादारों से घर-घर संपर्क करने और पात्र मामलों में नियमानुसार नल कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई करने को कहा।
इसके साथ ही लंबित 118 नामांतरण प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा नवीन आवेदनों में आरएसआई और एआरआई की ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कर शत-प्रतिशत प्रकरणों का ऑनलाइन निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश राजस्व अमले को दिए गए।
अन्य कार्यों की भी हुई समीक्षा
बैठक में ट्रांसपोर्ट नगर की तीसरी निविदा, भिक्षावृत्ति रोकने के लिए एनयूएलएम के माध्यम से कार्रवाई, आईएचएसडीपी भवनों का आवंटन, प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों से आवेदन, बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों का पेंचवर्क और स्वीमिंग पूल की मरम्मत का स्टीमेट तैयार करने सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई।
निगमायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह एवं सुधीर मिश्रा, राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक, सहायक यंत्री सुनील सिंह एवं आदेश जैन, स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी, पवन श्रीवास्तव, संजय मिश्रा, जे.पी. बघेल, रवि हनोते, शैलेन्द्र प्यासी, हिमांशु गौतम, अतिक्रमण प्रभारी मानेन्द्र सहित सहायक राजस्व अधिकारी, योजना प्रभारी, कार्यालय अधीक्षक, सिटी मिशन मैनेजर एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।




