केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: दिल्ली में शुरू मैराथन बैठकें, उठाए गए ये 5 बड़े मुद्दे

8th Pay Commission: दिल्ली में कल से आठवें वेतन आयोग की बैठकें शुरू हुई हैं, जो 10 अगस्त तक चलेंगी. इसका मकसद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बुनियादी समस्याओं को सुनना है.
8th Pay Commission Latest Update: 8वें वेतन आयोग ने 7 अगस्त को नई दिल्ली में कर्मचारी संगठनों और पेंशन यूनियनों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं, जो 10 अगस्त तक जारी रहेंगी. जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग की बैठकों का मुख्य फोकस फिटमेंट फैक्टर, बेसिक सैलरी हाइक, भत्तों के पुनर्गठन और पेंशन सुधारों पर है. केंद्र सरकार द्वारा 18 महीने की समय सीमा तय किए जाने के बाद अब यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.
दिल्ली में होने वाली ये बातचीत इसलिए भी खास है क्योंकि कमीशन अपने 18 महीने के कार्यकाल का एक बड़ा हिस्सा पहले ही पूरा कर चुका है. हालांकि पैनल ने इन बैठकों का एजेंडा आधिकारिक तौर पर नहीं बताया है, लेकिन चर्चा मुख्य रूप से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े अहम मुद्दों पर होने की संभावना है.
कब पर रिपोर्ट जमा करेगा आयोग?
यहां यह जानना जरूरी हैं कि 8वां वेतन आयोग एक अस्थायी संस्था है, जिसका गठन 3 नवंबर, 2025 को किया गया है. तीन सदस्यों वाले इस पैनल की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. प्रोफेसर पुलक घोष तथा सदस्य-सचिव पंकज जैन इसके अन्य सदस्य हैं.
उम्मीद है कि आयोग अपने गठन के 18 महीनों के भीतर केंद्र सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगा, जिसके अनुसार इसकी संभावित समय-सीमा मई-जून 2027 के आसपास होगी. नई दिल्ली में हितधारकों के साथ बातचीत के बाद, 8वां वेतन आयोग आने वाले हफ्तों में चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर का दौरा करेगा.
कर्मचारियों की क्या है मांग?
- नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और अन्य यूनियनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है, जिससे मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 से बढ़कर सीधे 69000 हो जाए. हालांकि, इस पर अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है. आयोग सभी पक्षों से बात करने के बाद ही कोई फैसला लेगा.
- पेंशनर्स यूनियनों की मांग फुल पेंशन को अंतिम आहरित वेतन (Last Drawn Salary) का 67% करने और फैमिली पेंशन को 50% तक करने की है.
- 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग पेंशनरों को बढ़ी हुई दर से अतिरिक्त पेंशन देने और फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह करने का भी प्रस्ताव रखा गया है.
- यूनियनों ने X,Y और Z कैटेगरी के शहरों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को क्रमश: 36%, 24% और 12% करने का प्रस्ताव रखा है.
- 2026 की शुरुआत तक महंगाई भत्ता (DA) 50% पार कर जाने के अनुमानों के बीव इसे मूल वेतन में मर्ज करने और नए सिरे से भत्ते तय करने पर भी चर्चा चल रही है.





