कान्हा के जन्म का इंतजार, 4 सितंबर को कटनी में गूंजेगा ‘नंद के घर आनंद भयो’
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में तैयारियां तेज, मध्यरात्रि 12 बजे होगा कान्हा का जन्मोत्सव

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में तैयारियां तेज, मध्यरात्रि 12 बजे होगा कान्हा का जन्मोत्स,
✍️राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर कटनी में भक्तिमय माहौल बनने लगा है। आगामी 4 सितंबर को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, वहीं भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियां और विशेष श्रृंगार की तैयारियां भी की जा रही हैं।
जन्माष्टमी की रात जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां मध्यरात्रि की ओर बढ़ेंगी, मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला तेज होगा। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ ही शंखनाद, घंटियों और जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठेंगे।
पंचामृत अभिषेक और महाआरती होगी
मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का पंचामृत अभिषेक कर विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद लड्डू गोपाल का मनोहारी श्रृंगार कर महाआरती की जाएगी। श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना करेंगे।
अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग
आचार्य पं. बालमुकुंद त्रिपाठी ‘बुलट महाराज’ के अनुसार, इस वर्ष जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग विशेष धार्मिक महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। ऐसे में इस संयोग को श्रद्धालु विशेष आस्था और उत्साह के साथ देख रहे हैं।
मंदिरों में सजेंगी आकर्षक झांकियां
कटनी शहर के विभिन्न मंदिरों में जन्माष्टमी के अवसर पर आकर्षक झांकियां सजाने की तैयारियां की जा रही हैं। कहीं बाल गोपाल का पालना सजाया जाएगा तो कहीं भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी लीलाओं पर आधारित झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
जन्माष्टमी की रात कटनी का वातावरण भक्ति, आस्था और उल्लास से सराबोर नजर आएगा। आधी रात को जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य होगा, श्रद्धालुओं के मुख से एक साथ गूंजेगा—‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की।’




