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बाकल पुलिस ने साइबर फ्रॉड गिरोह का किया पर्दाफाश, झारखंड के तीन आरोपी गिरफ्तार

मोबाइल चोरी कर बैंक खातों से उड़ाए थे ₹2.10 लाख, 14 मोबाइल चोरी की वारदातों का खुलासा — कई जिलों और राज्यों तक जुड़े मिले तार

मोबाइल चोरी कर बैंक खातों से उड़ाए थे ₹2.10 लाख, 14 मोबाइल चोरी की वारदातों का खुलासा — कई जिलों और राज्यों तक जुड़े मिले तार

✍️राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24 

कटनी। जिले में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बाकल पुलिस ने मोबाइल चोरी और साइबर फ्रॉड के एक मामले का खुलासा करते हुए झारखंड के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में मोबाइल चोरी कर उनमें यूपीआई पिन सेट करने और बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने की बात स्वीकार की है। पुलिस जांच में इस गिरोह के तार कटनी, जबलपुर सहित उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, 26 जून 2026 को बाकल बाजार से शंकरलाल महतो का मोबाइल फोन चोरी हो गया था। इसके बाद उनके बचत खाते और केसीसी खाते से 29 जून, 30 जून और 1 जुलाई को कुल 2 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ीपूर्वक निकासी की गई। शिकायत मिलने पर थाना बाकल में अपराध क्रमांक 287/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान साइबर फ्रॉड के तार अन्य जिलों और राज्यों से जुड़े होने के संकेत मिले।
इसी क्रम में 15 अगस्त 2026 को झिंझरी क्षेत्र में साइबर फ्रॉड की एक अन्य वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे तीन संदिग्धों को पुलिस ने पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम तिवारी महतो (35), उज्जवल कुमार उर्फ डिस्को महतो (39) और रोनू महतो, सभी निवासी साहिबगंज, झारखंड बताया।
पूछताछ में आरोपियों ने 26 जून को बाकल बाजार से शंकरलाल महतो का मोबाइल चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी पिछले करीब एक वर्ष से जबलपुर के दीनदयाल चौक क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे थे और बाकल, सिहोरा तथा जबलपुर के अलग-अलग बाजारों में मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि ऐसे चोरी किए गए मोबाइल, जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से अनलॉक किया जा सकता था, उनमें यूपीआई पिन सेट कर बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद चोरी किए गए मोबाइल फोन गिरोह के एक अन्य सदस्य करीम शेख उर्फ साजन, निवासी मालदा, पश्चिम बंगाल के पास भेजे जाते थे। साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कुल 14 मोबाइल फोन चोरी करना स्वीकार किया है। इनमें जबलपुर के सिहोरा, गढ़ा और लार्डगंज, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर तथा कटनी जिले के बहोरीबंद और बाकल क्षेत्र में की गई वारदातें शामिल हैं।
पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य सदस्यों, चोरी किए गए मोबाइल फोन और साइबर फ्रॉड के जरिए ट्रांसफर की गई रकम के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
सराहनीय भूमिका: एसडीओपी स्लीमनाबाद श्रीमती आकांक्षा चतुर्वेदी के नेतृत्व में थाना प्रभारी बाकल उपनिरीक्षक दिनेश तिवारी, उपनिरीक्षक सौरभ सोनी, उपनिरीक्षक नवीन नामदेव, सहायक उपनिरीक्षक अजय सिंह, प्रधान आरक्षक विभांशु कोरी, आरक्षक अजय साकेत, आरक्षक सत्येंद्र सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक शिव सिंह, प्रधान आरक्षक नंदकिशोर अहिरवार, प्रधान आरक्षक सुरलाल एवं आरक्षक कमलकांत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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