सर्पदंश पर जागरूकता अभियान, झाड़-फूंक से बचने की दी समझाइश
समाजसेवियों ने गांव-गांव पहुंचकर बताए बचाव और उपचार के जरूरी उपाय

कटनी। बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका बढ़ने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने का अभियान तेज हो गया है। इसी क्रम में रविवार को समाज सेवा विकास संस्था कटनी की टीम ने बड़वारा क्षेत्र के सुदूर ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर लोगों को सर्पदंश से बचाव और तत्काल उपचार के प्रति जागरूक किया।
संस्था के कार्यकर्ताओं ने बड़वारा जनपद के लखाखेरा, बाजरवारा, सलैया, ठूठीया, भदावर, नेगवा और गुड़ा सहित आसपास के गांवों में घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान मनरेगा में कार्यरत मजदूरों, खेतों में काम कर रहे किसानों और अन्य ग्रामीणों को सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।
झाड़-फूंक में समय गंवाने से बचने की अपील
जागरूकता अभियान के दौरान समाजसेवियों ने ग्रामीणों को बताया कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार के भरोसे समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। पीड़ित को तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से गंभीर स्थिति में भी मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है।
मानसून में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा
अभियान की अगुवाई कर रहीं समाजसेवी सावित्री केवट ने बताया कि संस्था की टीम बड़वारा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में लगातार सर्पदंश के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सांप अपने बिलों से बाहर निकलते हैं, जिससे खेतों और ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश की घटना को लेकर किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में न पड़ें और पीड़ित को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं। समाजसेवियों ने कहा कि समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना ही सर्पदंश के मामले में सबसे महत्वपूर्ण है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को सांपों से बचाव के उपायों के साथ यह संदेश भी दिया गया कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत स्वास्थ्य सेवाओं की मदद ली जाए।




