बड़ारी अंडरब्रिज में भरा पानी, कैंपर वाहन डूबा; कैमोर-झुकेही मार्ग पर आवागमन ठप
वाहनों की लगी लंबी कतार, ग्रामीणों ने अंडरब्रिज बंद कर पुराने रेलवे गेट को चालू करने की मांग की

वाहनों की लगी लंबी कतार, ग्रामीणों ने अंडरब्रिज बंद कर पुराने रेलवे गेट को चालू करने की मांग की,
कैमोर। कैमोर-झुकेही मुख्य मार्ग पर ननवारा रेलवे स्टेशन के समीप ग्राम बड़ारी में बना रेलवे अंडरब्रिज भारी बारिश के बाद जलमग्न हो गया। अंडरब्रिज में पानी की समुचित निकासी नहीं होने के कारण जलस्तर करीब 10 फीट तक पहुंच गया। इसके चलते मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
जानकारी के अनुसार गुरुवार रात करीब 10 बजे अंडरब्रिज में पानी तेजी से बढ़ना शुरू हुआ। इसी दौरान एक कैंपर वाहन चालक ने पानी के बीच से वाहन निकालने का प्रयास किया, लेकिन पानी अधिक होने के कारण वाहन बीच रास्ते में बंद हो गया। अचानक बढ़े जलस्तर के बीच चालक ने किसी तरह वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि कैंपर वाहन पूरी तरह पानी में डूब गया।
पहाड़ के प्राकृतिक नाले के रास्ते में बना अंडरब्रिज!
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस स्थान पर अंडरब्रिज का निर्माण किया गया है, वहां पहले पहाड़ से आने वाला एक बड़ा प्राकृतिक नाला बहता था। ग्रामीणों ने निर्माण के समय रेलवे अधिकारियों को भी संभावित जलभराव की समस्या से अवगत कराया था। ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि इस स्थान पर अंडरब्रिज बनने से बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या उत्पन्न होगी, लेकिन निर्माण कार्य स्वीकृत स्थान पर ही किए जाने की बात कहकर काम पूरा कर दिया गया।
दो डीजल पंप लगाए, फिर भी नहीं घटा जलस्तर
शुक्रवार सुबह रेलवे के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पानी निकालने के लिए दो डीजल पंप लगाए गए। कई घंटे तक पंप चलने के बावजूद अंडरब्रिज में भरे पानी का जलस्तर अपेक्षित रूप से कम नहीं हो सका। इससे रेलवे की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
17 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करने को मजबूर राहगीर
कैमोर-झुकेही मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों के साथ बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। अंडरब्रिज बंद होने के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्ग से विजयराघवगढ़ होते हुए करीब 17 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि रात के समय जलस्तर बढ़ने के बावजूद रेलवे की ओर से मौके पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। आपात स्थिति में पुराने रेलवे गेट को खोलकर यातायात बहाल करने की व्यवस्था भी नहीं की गई, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
ग्रामीणों की मांग—अंडरब्रिज बंद कर पुराने रेलवे गेट को किया जाए चालू
बड़ारी के ग्रामीणों ने मांग की है कि अंडरब्रिज को स्थायी रूप से बंद कर पहले की तरह रेलवे गेट संचालित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान पानी भरने से जहां कई बार आवागमन बंद हो जाता है, वहीं अन्य मौसम में भी अंडरब्रिज में वाहनों के खराब होने से जाम की स्थिति बनती रहती है। इसके अलावा सड़क पर धूल का गुबार उठने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
रेलवे साइडिंग और सीमेंट प्लांट के कारण भारी वाहनों का दबाव
गौरतलब है कि ग्राम बड़ारी में रेलवे साइडिंग मौजूद है, जहां नियमित रूप से रैक लोड किए जाते हैं। रैक लोडिंग के लिए अमेहटा, मेहगांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन पहुंचते हैं। अंडरब्रिज में जलभराव के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवसाय भी प्रभावित हुआ है।
वहीं, कैमोर से अमेहटा को जोड़ने वाले इस मार्ग के दोनों ओर सीमेंट प्लांट होने के कारण कर्मचारियों और भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। अंडरब्रिज बंद होने से औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ आम लोगों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
अब सवाल यह है कि जिस अंडरब्रिज को सुगम आवागमन के लिए बनाया गया था, वह बारिश के दौरान खुद ही रास्ते की सबसे बड़ी बाधा क्यों बन जाता है? ग्रामीणों ने रेलवे और प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।




