अमृत सरोवर बना बरमानी की नई पहचान, 20 एकड़ भूमि को मिला सिंचाई का सहारा
21.73 लाख की लागत से तैयार हुआ सरोवर मछली पालन और सिंघाड़ा उत्पादन से ग्रामीणों को मिला अतिरिक्त रोजगार

21.73 लाख की लागत से तैयार हुआ सरोवर मछली पालन और सिंघाड़ा उत्पादन से ग्रामीणों को मिला अतिरिक्त रोजगार,
राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी, 5 अक्टूबर। जनपद पंचायत बड़वारा की ग्राम पंचायत बरमानी के ग्राम जजागढ़ में मनरेगा के तहत निर्मित अमृत सरोवर जल संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका का भी आधार बन रहा है। ग्राम सभा के निर्णय एवं निर्धारित प्रक्रिया के तहत शासकीय भूमि पर 21.73 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए इस सरोवर से करीब 20 एकड़ भूमि में सिंचाई की संभावनाएं विकसित हुई हैं।
सरोवर के निर्माण से 3,725 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ, जिससे स्थानीय श्रमिकों को काम मिला। प्रारंभिक बारिश में ही सरोवर में करीब 12 हजार घनमीटर पानी का भराव हुआ है। इससे क्षेत्र में जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह के अनुसार बरमानी क्षेत्र का बड़ा हिस्सा आदिवासी बाहुल्य और अपेक्षाकृत वीरान है। क्षेत्र में पहले भी जल संरक्षण के कार्य हुए, लेकिन उनमें पानी के ठहराव की अवधि कम रहती थी। मनरेगा के सीपीआरआई सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्थल चयन के बाद निर्मित अमृत सरोवर ने इस समस्या का बेहतर समाधान उपलब्ध कराया है।
सरोवर का उपयोग ग्रामीणों द्वारा मछली पालन और सिंघाड़ा उत्पादन के लिए भी किया जा रहा है। इससे जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय और आजीविका के अवसर भी तैयार हुए हैं।
ग्राम पंचायत की पहल, प्रशासनिक प्रयासों और मनरेगा श्रमिकों की मेहनत से तैयार यह अमृत सरोवर अब जल संरक्षण से लेकर सिंचाई और ग्रामीण आजीविका तक के समन्वित विकास की मिसाल बनकर सामने आया है।




