
नेता प्रतिपक्ष ने प्रभावित परिवारों से की मुलाकात, फैक्ट्री और जहरीले कचरे वाले स्थलों का किया निरीक्षण; स्वतंत्र जांच, उपचार और मुआवजे की मांग,
✍️राजेश कुमार तिवारी कटनी न्यूज 24
कटनी। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को कटनी जिले के कैमोर–कलहरा क्षेत्र का दौरा कर एस्बेस्टस प्रदूषण से प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीण बच्चों, महिलाओं और स्थानीय निवासियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान सिंघार ने एस्बेस्टस उद्योग से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी खतरों, पर्यावरण प्रदूषण और प्रभावित परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए।
दौरे के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कैमोर में उन स्थानों का निरीक्षण किया, जहां जहरीले कचरे के डंप होने की बात सामने आई है। इसके बाद उन्होंने फैक्ट्री पहुंचकर संबंधित लोगों से भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एस्बेस्टस प्रदूषण का मुद्दा नया नहीं है। वर्ष 2016 में भी इस संबंध में वैज्ञानिक अध्ययन किए जाने की जानकारी सामने आई थी। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पिछले दस वर्षों में प्रभावित क्षेत्र की सफाई, लोगों की चिकित्सा जांच और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए।
हजारों लोगों के प्रभावित होने की आशंका
उमंग सिंघार ने कहा कि फैक्ट्री में करीब 3,500 श्रमिकों के काम करने की जानकारी है। यदि उनके परिवारों और आसपास रहने वाले लोगों को भी शामिल किया जाए, तो संभावित रूप से 10 से 15 हजार लोग स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के दायरे में हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है और सरकार को केवल जांच कराने की घोषणा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रभावित लोगों की पहचान कर उनके उपचार और सुरक्षा की ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने एस्बेस्टस से संबंधित पूर्व वैज्ञानिक अध्ययन और हालिया जांच रिपोर्टों में सामने आए दावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदूषण की वास्तविक स्थिति का स्वतंत्र वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए। साथ ही, प्रभावित लोगों की चिकित्सा जांच कराकर उसके निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएं, ताकि स्थिति को लेकर पारदर्शिता बनी रहे।
स्वतंत्र सर्वेक्षण और घर-घर स्वास्थ्य जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि कैमोर–कलहरा के पूरे प्रभावित क्षेत्र में स्वतंत्र वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाए। दूषित स्थलों की पहचान कर उनकी जीआईएस मैपिंग की जाए तथा मिट्टी और भूजल की जांच कराई जाए। प्रभावित वार्डों और गांवों में घर-घर चिकित्सा जांच के साथ एस्बेस्टस से संबंधित बीमारियों के मरीजों का स्थायी स्वास्थ्य रजिस्टर तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि जांच के दायरे में केवल वर्तमान कर्मचारी ही नहीं, बल्कि पूर्व श्रमिकों, उनके परिवारों, आसपास रहने वाले नागरिकों और पूर्व विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। एस्बेस्टस के संपर्क में आने के कई वर्षों बाद भी गंभीर बीमारियां सामने आ सकती हैं, इसलिए नियमित स्वास्थ्य निगरानी जरूरी है।
उपचार, पर्यावरण सुधार और मुआवजे पर जवाबदेही तय हो
उमंग सिंघार ने कहा कि गंभीर रूप से बीमार लोगों के उपचार की व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी पर की जानी चाहिए। प्रदूषित स्थलों की सफाई, प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड और मुआवजे की प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट नीति सामने आनी चाहिए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि वर्ष 2016 में ही प्रदूषण को लेकर अध्ययन हुआ था, तो उसके बाद प्रभावित लोगों की सुरक्षा और पर्यावरण सुधार के लिए क्या कार्रवाई की गई।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कैमोर और कलहरा के लोगों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और न्याय मिलना चाहिए।
कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के दौरे के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला, ग्रामीण अध्यक्ष सौरभ सिंह, पूर्व विधायक बसंत सिंह, पप्पू बाजपेई सहित कटनी जिले के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान एस्बेस्टस प्रदूषण से प्रभावित लोगों की समस्याओं और क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।




